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वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€ से बचाव:
कà¤à¥€-कà¤à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ अपरिहारà¥à¤¯ हो जाता है, खासकर अगर कोई गंà¤à¥€à¤° चोट लगी हà¥à¤ˆ हो तो। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद की रिकवरी अवधि में à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में फिजियोथेरेपी दी जाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह दरà¥à¤¦ को दूर करने में और लचीलेपन में मदद करेगा। यदि आपको कोई चोट लगी हà¥à¤ˆ है, जिसमें सरà¥à¤œà¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है, और आप उससे बचना चाहते हैं, तो आपको निदान के आधार पर विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के उपचारों की पेशकश की जाà¤à¤—ी, जिसमें आप अपने इचà¥à¤›à¤¿à¤¤ उपचार का चयन कर सकते हैं। फिजियो समय के साथ घायल ऊतकों को ठीक करने में बहà¥à¤¤ मदद करता है साथ-ही-साथ संतà¥à¤²à¤¨ बनाने à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ गतिविधियों को सामानà¥à¤¯ करने में à¤à¥€ मदद करता
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